चीन - ताईवान Yuvan Wang5 चीनी ship श्रीलंका के हंबनटोटा तट पर क्यूँ आ रहा?

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Yuvan Wang5 चीनी ship श्रीलंका के हंबनटोटा तट पर क्यूँ आ रही?


चीन - ताईवान  Yuvan Wang5 चीनी ship श्रीलंका के हंबनटोटा तट पर क्यूँ आ रहा?



ऐसी जानकारी मिली है कि चीन का एक जंगी शिप जिसका नाम Yuvan Wang5 वो China से चलकर श्रीलंका के हंबनटोटा ( Hambanthota) नामक बन्दरगाह पर आ रहा. इस शिप के आने का मतलब कि यदि भारत अपने नजदीकी स्थान पर से किसी भी तरह का कोई परमाणु या मिसाइल  परिक्षण करता है तो उसकी जानकारी सीधे सीधे इस जंगी ship को हो जायेगी क्यूंकि वो शिप भारतीय missile की गतिविथियों को ट्रैक कर सकती है.


हालांकि इसकी इज़ाज़त श्रीलंका ने ही china को दी है..श्रीलंका ने NDtv को बताया कि ये शिप एक non-nuclear प्लेटफार्म है जिसका मकसद केवल Indian ocean में निगरानी और जांच करना है. ये बात श्रीलंका के रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता Nalain Herath ने कही. जबकि भारत ने कहा है कि वो China के इस ship की सभी गति विधियों पर नज़र रखेगा और अपने अपने आर्थिक हितों के रक्षा के लिए हमेशा सजग रहा है.



ताईवान को लेकर चीन और अमेरिका में उस वक़्त संघर्ष की स्थिति उत्पन्न हुई जब अमेरिका की प्रतिनिधि सभा की स्पीकर Nancy Pelosi ताईवान गयी. चीन, ताइआन को अपना अभिन्न अंग मानता है जबकि ताईवान समेत बहुत सारे देश इसे स्वीकार नहीं करते. चीन को अमेरिकी पतिनिधि का ये रवय्या बिलकुल नहीं भाया और उसने अपना एक जंगी जहाज़ Yuvan Wang 5 श्रीलंका के बंदरगाह के लिए रवाना कर दिया .


आर्थिक दिवालियापन से जूझ रहे श्रीलंका ( Shrilanka) पर चीन का 1.4 अरब डॉलर का कर्जा है. इसके अलावे चीन ने श्रीलंका के बदरगाह को 99 साल के लीज पर ले रखा है. इसलिए चीन के इस मंसूबे के लिए श्रीलंका ने खुद ही चीन को मंज़ूरी दी है. लेकिन श्रीलंका इस जंगी जहाज़ को गैर परमाणु जहाज़ मानता है, जिसका कार्य समुद्र क्षेत्र का मुयाना करना है. जबकि ये चीन की चालाकी लगती है.


क्यूंकि चीन ने जिस प्रकार से भूटान के भूभाग डोकलाम पर सड़क और गाँव बसाने लगा है इससे साफ़ ज़ाहिर होता है वो यह सब करके अपनी कूटनीति का परिचय दे रहा है.      



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